पूर्णिमा, जिसे पूनम, पुरनमाशी, पौर्णमी और हुन्निमे जैसे कई नामों से जाना जाता है, हिन्दू पंचांग की सबसे पवित्र तिथियों में से एक है।
पूर्णिमा वह विशेष क्षण है जब हमें आंतरिक ज्योति, भावनात्मक स्थिरता और ईश्वर की दिव्य कृपा एक साथ मिलती हैं। चंद्र चक्र के शिखर पर हर माह आने वाली यह तिथि कृपा, भक्ति और आध्यात्मिक प्रकाश का प्रतीक है।
पूर्णिमा का प्रत्येक दिन भगवान विष्णु या उनके किसी दिव्य अवतार की भक्ति और उपासना को समर्पित है। इन पवित्र तिथियों का पालन करने से व्यक्ति को आंतरिक शुद्धि, भक्ति भाव और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त होती है।
पूर्णिमा क्या होती है? (पूर्णिमा, पूनम, पुरनमाशी, पौर्णमि, हुन्निमे)
पूर्णिमा हिन्दू पंचांग का पूर्ण चंद्र दिवस है। यह देश के विभिन्न क्षेत्रों में कई नामों से जानी जाती है, जैसे — पूर्णिमा (हिन्दी/संस्कृत), पूनम (गुजराती/मराठी), पूरनमासी या पूरनमाशी (पंजाबी/हिन्दी), पौर्णमि (तेलुगु/तमिल) और हुन्निमे (कन्नड़)।
पूर्णिमा हिन्दू पंचांग की सबसे शुभ तिथियों में से एक मानी जाती है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, भगवान की पूजा करते हैं, पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, दान करते हैं, हरीनाम संकीर्तन में भाग लेते हैं और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं।
वैष्णव परंपरा के अनुसार, पूर्णिमा की प्रत्येक तिथि भगवान विष्णु के किसी विशेष स्वरूप या लीला से जुड़ी होती है। इन तिथियों का पालन करने से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति, दिव्य कृपा और भगवान के प्रति गहरी भक्ति प्राप्त होती है।
पूर्णिमा 2026 तिथि सूची के इस ब्लॉग में आपको “2026 में पूर्णिमा कब है?”, “2026 में पूर्णिमा कितनी बार आएगी?” तथा “पूर्णिमा तिथि और समय 2026” की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, जिससे आप वर्ष की किसी भी महत्वपूर्ण पूर्णिमा से वंचित न रहें।
पूर्णिमा कैलेंडर 2026 – सभी पूर्णिमा तिथि, दिन और समय
| पूर्णिमा का नाम | तारीख | तिथि प्रारंभ (IST) | तिथि समाप्त (IST) |
|---|---|---|---|
| पौष पूर्णिमा | 3 जनवरी 2026 | 02 जनवरी, शाम 06:55 बजे | 03 जनवरी, शनिवार, दोपहर 03:34 बजे |
| माघ पूर्णिमा | 1 फरवरी 2026 | 01 फरवरी, सुबह 05:55 बजे | 02 फरवरी, रविवार, सुबह 03:41 बजे |
| फाल्गुन पूर्णिमा (होली) | 3 मार्च 2026 | 02 मार्च, शाम 05:58 बजे | 03 मार्च, मंगलवार, शाम 05:09 बजे |
| चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) | 2 अप्रैल 2026 | 01 अप्रैल, सुबह 07:08 बजे | 02 अप्रैल, गुरुवार, सुबह 07:43 बजे |
| वैशाख पूर्णिमा / बुद्ध पूर्णिमा | 1 मई 2026 | 30 अप्रैल, रात 09:14 बजे | 01 मई, शुक्रवार, रात 10:55 बजे |
| ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा | 31 मई 2026 | 30 मई, दोपहर 12:00 बजे | 31 मई, रविवार, दोपहर 02:17 बजे |
| ज्येष्ठ पूर्णिमा / वट पूर्णिमा | 29 जून 2026 | 29 जून, सुबह 03:08 बजे | 30 जून, सोमवार, सुबह 05:28 बजे |
| आषाढ़ पूर्णिमा / गुरु पूर्णिमा | 29 जुलाई 2026 | 28 जुलाई, शाम 06:21 बजे | 29 जुलाई, बुधवार, रात 08:07 बजे |
| श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) | 28 अगस्त 2026 | 27 अगस्त, सुबह 09:11 बजे | 28 अगस्त, शुक्रवार, सुबह 09:50 बजे |
| भाद्र पूर्णिमा | 26 सितंबर 2026 | 25 सितंबर, रात 11:09 बजे | 26 सितंबर, शनिवार, रात 10:20 बजे |
| आश्विन पूर्णिमा / शरद पूर्णिमा / कोजागरी पूर्णिमा | 26 अक्टूबर 2026 | 25 अक्टूबर, दोपहर 11:58 बजे | 26 अक्टूबर, सोमवार, सुबह 09:43 बजे |
| कार्तिक पूर्णिमा / दामोदर पूर्णिमा (देव दीपावली) | 24 नवंबर 2026 | 23 नवंबर, रात 11:44 बजे | 24 नवंबर, मंगलवार, रात 08:25 बजे |
| मार्गशीर्ष पूर्णिमा | 23 दिसंबर 2026 | 23 दिसंबर, सुबह 10:49 बजे | 24 दिसंबर, बुधवार, सुबह 07:00 बजे |
2026 में व्रत वाली पूर्णिमा कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक पूर्णिमा को व्रत रखने का विधान है। जून से दिसंबर 2026 तक की प्रमुख व्रत वाली पूर्णिमा की तिथियां इस प्रकार हैं:
- गुरु पूर्णिमा – 29 जुलाई 2026, बुधवार
गुरु की कृपा पाने और पुण्य अर्जित करने के लिए यह पूर्णिमा सबसे विशेष मानी जाती है। - श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) – 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
इस दिन रक्षा बंधन का पर्व भी मनाया जाता है। व्रत और पूजा का विशेष महत्व है। - शरद पूर्णिमा – 26 अक्टूबर 2026, सोमवार
इस रात चंद्रमा से अमृत वर्षा होने की मान्यता है। खीर रखने और व्रत रखने की परंपरा सदियों पुरानी है। - कार्तिक पूर्णिमा – 24 नवंबर 2026, मंगलवार
देव दीपावली का पर्व इसी दिन मनाया जाता है। गंगा स्नान और दीपदान से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है।
पूर्णिमा पर क्या करें? – व्रत विधि और अनुष्ठान
- 01
पवित्र स्नान करें
पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र नदी में या नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें। - 02
भगवान विष्णु की पूजा करें
भगवान विष्णु या भगवान कृष्ण को तुलसी के पत्ते, सफेद फूल और फल अर्पित करें। - 03
हरे कृष्ण महामंत्र जप करें
पूर्ण श्रद्धा के साथ हरे कृष्ण महामंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जप करें। - 04
व्रत रखें
पूरा दिन निर्जला व्रत रखें या फल और दूध के साथ व्रत का पालन करें। - 05
घी का दीप जलाएं
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं। - 06
हरिनाम संकीर्तन में भाग लें
हरिनाम संकीर्तन करें या भक्तों के साथ सामूहिक कीर्तन में भाग लें। - 07
शास्त्र पाठ करें
भगवद्गीता या श्रीमद्भागवत का पाठ करें। - 08
दान करें
मंदिर में या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुप्त वृंदावन धाम में पूर्णिमा सेवा अर्पित करें
निष्कर्ष
यह सम्पूर्ण पूर्णिमा 2026 की सूची इस वर्ष की सभी 13 पूर्णिमाओं की सटीक तिथि, IST समय, मासिक महत्त्व, संबंधित त्योहार और व्रत की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करती है।
भले ही आप इसे पूर्णिमा, पूनम, पुरनमाशी, पौर्णमी या हुन्निमे के नाम से पुकारते हों, पूर्ण चंद्र दिवस की प्रत्येक तिथि आपको भगवान की साक्षात कृपा द्वारा कृतज्ञ भाव से आध्यात्म की गहराई में उतरने का एक दिव्य अवसर प्रदान करती है।
हर महीने की आगामी पूर्णिमा की तारीख और समय जानने के लिए इस पेज को अभी बुकमार्क करें और यह पेज वापस चेक करें।


Donate Now










