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अमावस्या 2026 कब है: अमावस की तारीखें, तिथि और समय — सम्पूर्ण कैलेंडर

2026 की सभी अमावस्या तिथियों का संपूर्ण कैलेंडर, जिसमें हर महीने की सटीक तिथि और समय (IST), महत्व, व्रत नियम और पूजा विधि दी गई है।

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अमावस्या 2026 कैलेंडर में जनवरी से दिसंबर तक की सभी 12 अमावस्या की तारीखें दी गई हैं। इनमें मौनी अमावस्या, सोमवती अमावस्या, शनि अमावस्या और हरियाली अमावस्या भी शामिल हैं। नीचे हर अमावस्या का नाम, तारीख, वार और तिथि शुरू व खत्म होने का समय देखें।

अमावस्या कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि होती है। यह कभी एक तारीख से शुरू होकर अगली तारीख तक रहती है। इसलिए सही जानकारी के लिए तिथि शुरू और खत्म होने का समय, दोनों देखना जरूरी है।

अमावस्या 2026 की तारीखें और समय

नीचे महीनों के नाम उत्तर भारत में इस्तेमाल होने वाले पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार दिए गए हैं। सभी समय भारतीय समय (IST) में हैं।
अमावस्या का नाम, तारीख और वारतिथि शुरू (IST)तिथि खत्म (IST)
माघ / मौनी अमावस्या — 18 जनवरी, रविवार18 जनवरी, रात 12:03 बजे19 जनवरी, रात 01:21 बजे
फाल्गुन अमावस्या — 17 फरवरी, मंगलवार16 फरवरी, शाम 05:34 बजे17 फरवरी, शाम 05:30 बजे
चैत्र अमावस्या — 19 मार्च, गुरुवार18 मार्च, सुबह 08:25 बजे19 मार्च, सुबह 06:52 बजे
वैशाख अमावस्या — 17 अप्रैल, शुक्रवार16 अप्रैल, रात 08:11 बजे17 अप्रैल, शाम 05:21 बजे
ज्येष्ठ अमावस्या — 16 मई, शनिवार16 मई, सुबह 05:11 बजे17 मई, रात 01:30 बजे
अधिक ज्येष्ठ अमावस्या — 15 जून, सोमवार14 जून, दोपहर 12:19 बजे15 जून, सुबह 08:23 बजे
आषाढ़ अमावस्या — 14 जुलाई, मंगलवार13 जुलाई, शाम 06:49 बजे14 जुलाई, दोपहर 03:12 बजे
श्रावण / हरियाली अमावस्या — 12 अगस्त, बुधवार12 अगस्त, रात 01:52 बजे12 अगस्त, रात 11:06 बजे
भाद्रपद अमावस्या — 11 सितंबर, शुक्रवार10 सितंबर, सुबह 10:33 बजे11 सितंबर, सुबह 08:56 बजे
आश्विन / महालया अमावस्या — 10 अक्टूबर, शनिवार9 अक्टूबर, रात 09:35 बजे10 अक्टूबर, रात 09:19 बजे
कार्तिक अमावस्या — 9 नवंबर, सोमवार8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे
मार्गशीर्ष अमावस्या — 8 दिसंबर, मंगलवार8 दिसंबर, सुबह 04:12 बजे9 दिसंबर, सुबह 06:21 बजे
Amavasya Calendar 2026
Amavasya Calendar 2026

सभी तारीखें साल 2026 की हैं। पहले कॉलम में महीने के नाम वाली अमावस्या की तारीख है। तिथि का समय बताता है कि अमावस्या कब शुरू और खत्म होगी; यह पूजा का मुहूर्त नहीं है।

साल 2026 की खास अमावस्या कब हैं?

मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को है। इसे माघ अमावस्या भी कहते हैं। दोनों नाम जनवरी की एक ही अमावस्या के हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग तारीख नहीं गिनना चाहिए।

सोमवती अमावस्या

सोमवती अमावस्या 15 जून और 9 नवंबर 2026 को है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं।

दोनों की तिथि पिछले दिन, यानी रविवार को शुरू होकर सोमवार तक रहती है। इसलिए तिथि शुरू होने की तारीख दिखाने वाले कैलेंडर में अलग तारीख नजर आ सकती है।

शनि अमावस्या

शनि अमावस्या 16 मई और 10 अक्टूबर 2026 को है। शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को यह नाम दिया जाता है।

एक ही अमावस्या को महीने और वार के आधार पर अलग नाम मिल सकते हैं। जैसे मई की ज्येष्ठ अमावस्या को शनि अमावस्या भी कहते हैं।

हरियाली और महालया अमावस्या

हरियाली अमावस्या 12 अगस्त और महालया अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 को है।

अक्टूबर की अमावस्या शनिवार को पड़ रही है। इसलिए उसे आश्विन अमावस्या, महालया अमावस्या और शनि अमावस्या—इन नामों से पहचाना जा सकता है। ये एक ही अमावस्या के नाम हैं।

कुछ कैलेंडर में अमावस्या की दो तारीखें क्यों दिखती हैं?

तिथि जरूरी नहीं कि रात 12 बजे शुरू हो या ठीक 24 घंटे तक रहे। एक ही अमावस्या तिथि लगातार दो तारीखों के कुछ हिस्से में रह सकती है।

कुछ पंचांगों में दर्श अमावस्या और महीने के नाम वाली अमावस्या अलग तारीखों पर दी जाती हैं। जिस कैलेंडर से यह सूची तैयार की गई है, उसमें चार महीनों में यह अंतर है:

  • मार्च: 18 मार्च को दर्श अमावस्या और 19 मार्च को चैत्र अमावस्या।
  • जून: 14 जून को अधिक दर्श अमावस्या और 15 जून को अधिक ज्येष्ठ अमावस्या।
  • सितंबर: 10 सितंबर को दर्श अमावस्या और 11 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या।
  • नवंबर: 8 नवंबर को दर्श अमावस्या और 9 नवंबर को कार्तिक अमावस्या।

हर जोड़ी एक ही अमावस्या तिथि के समय के भीतर आती है। इन्हें दो अलग अमावस्या तिथियां नहीं गिनना चाहिए।

किसी खास व्रत या त्योहार की तारीख जानने के लिए अपने मंदिर या परिवार में माने जाने वाले कैलेंडर को देखें। उस आयोजन की तारीख तय करने के नियम महीने की सामान्य अमावस्या से अलग हो सकते हैं।

कैलेंडर में दिया समय कैसे समझें?

समय के साथ लिखी तारीख जरूर पढ़ें, खासकर जब तिथि आधी रात के बाद खत्म हो रही हो।

उदाहरण के लिए, 19 जनवरी को रात 01:21 बजे का मतलब है 18 जनवरी की रात बीतने के बाद, 19 जनवरी की शुरुआत में आने वाला समय। इसका मतलब 19 जनवरी का दिन बीतने के बाद वाली रात नहीं है।

तारीख नोट करते समय:

  1. अमावस्या का नाम और दी गई तारीख देखें।
  2. तिथि शुरू और खत्म होने की तारीख व समय पढ़ें।
  3. किसी खास व्रत या त्योहार की तारीख अलग से जांचें।

अन्य तिथियों के लिए पूर्णिमा की तारीखों की सूची और व्रत की तारीखों के लिए एकादशी कैलेंडर देख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस वर्ष 2026 में कुल 12 अमावस्या हैं। पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से इनका पालन करने वाले साधक के लिए प्रत्येक अमावस्या विशेष आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है।

निष्कर्ष

अमावस्या, भक्ति, व्रत, सेवा और दान जैसे शास्त्र सम्मत धार्मिक कार्यों द्वारा अपने भीतर के भय, अहंकार, काम और गुस्से की भावना पर विजय प्राप्त करने का दिन है।

2026 की ये 12 अमावस्याएँ आपके और आपके परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएँ, यही गुप्त वृंदावन धाम की ओर से हार्दिक कामना है।

गुप्त वृंदावन धाम में अमावस्या सेवा से जुड़ें

अमावस्या के पावन दिन गुप्त वृंदावन धाम में पूजा, पितृ तर्पण और सेवा कार्यों में सहयोग करें। आपका योगदान दैनिक पूजा, अन्नदान और वर्षभर होने वाली पितृ स्मरण सेवाओं को निरंतर बनाए रखने में सहायक है।